शौख पढ़ने का लेकिन पेट की बेबसी पढ़ने नहीं देती...

तो क्या हुआ हम ड्रेस का कोट ही पहन लेते हैं।


नवाबगंज उन्नाव। नौनिहालो की शिक्षा व उनके जीवन के उद्धार हेतु यह तस्वीर सरकार और सामाजिक संगठनों सहित सभी की आंखे खोल देंगी।
यह बच्चा जो पेट की खातिर रोजगार की लाठी ले निकल पड़ा परिवार के पालन पोषण हेतु,
बाजार में स्कूली ड्रेस के मैले कुचैले कोट पहनकर जब विक्री हेतु तेज तेज से आवाज़ लगाने लगा तो उससे सिटी लीक्स टीम ने सवाल किया? आपका नाम क्या है और कहा रहते है किसी कार्यवाही न हो जाने के भय से उसने कुछ भी सिवा इसके नही बताया कि घर मे मां की तबियत ख़राब है और मुझे पैसे की सख़्त जरूरत है.... जब उससे यह सवाल किया गया कि यह कोट तो स्कूली ड्रेस का है आप पढ़ने नही जाते तो आंखों में बेबसी लेकर उसने कहा सिर्फ़ कोट पहनकर अपने को स्कूली छात्र समझ लेता हूँ लेकिन पेट की भूंख को शांत करने और परिवार को पैसो की जरूरत पूरी करने के लिये पढ़ाई छोड़ यह कार्य करते है। फ़िलहाल यह बच्चा कहा से आया कौन है इसका पता नही लगाया जा सका लेकिन इस बच्चे को देखकर सभी ने योजनाओं और दावों की हकीक़त जरूर जान ली।


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