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गौशाला में जानवर न देख एसडीएम हुवे नाराज, कड़ी चेतावनी जारीकर व्यवस्था सुधारने के दिये निर्देश
January 22, 2020 • अशोक त्रिपाठी, उन्नाव • ब्रेकिंग न्यूज़

पुरवा उन्नाव। योगी सरकार की प्राथमिकता आवारा जानवरों की समस्या से किसानों को मुक्त करना है, इसके लिए गांव-गांव पशु आश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है।अफसोसजनक यह कि शासन की लाख कोशिशों के बावजूद ज्यादातर ग्राम प्रधान गौशाला योजना को ढेंगा दिखा रहे है।अगर यह कहें कि सुनियोजित योजना के तहत सरकार की बदनामी कराने में अधिकांश प्रधानों ने ठान लिया है तो यह झूठ भी नहीं है।मंगलवार को एसडीएम के औचक निरीक्षण में गौशाला में एक भी जानवर न मिलने व अनियमितता पाए जाने की पुष्टि हुई है।
लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर मंगलवार उपजिलाधिकारी राजेश प्रसाद चौरसिया ने टीकरखुर्द की गौशाला का औचक निरीक्षण कर लिया। गौशाला में न तो जानवर मिले और न ही कोई कर्मचारी। अनियमितता इतनी कि गिनाने के लिए शब्द कम पड़ जाए। यही कारण है कि पड़ोस में स्थित नगर पुरवा में आवारा पशुओं की भरमार है। टीकर खुर्द में गौशाला का मखौल बना दिया गया है। एक जर्जर गेट तो खड़ा है किन्तु चहारदीवारी नदारद है। इसके अलावा न भूसा है न पानी और न ही प्रकाश की व्यवस्था। जबकि प्रदेश सरकार के मुखिया गौशाला योजना को एक प्रमुख कार्य गिनाकर किसानों को जल्द ही आवारा जानवरों से मुक्ति का आश्वासन दे रहे हैं। विकास खण्ड की अधिकतर ग्राम पंचायतों में गौशालाओं की दशा बयां करने लायक नहीं हैं।जानवरो को न तो भर पेट चारा मिलता है और न ही पीने को पानी ही मिल रहा है। मंगलवार को एसडीएम राजेश प्रसाद चौरसिया ने टीकुर खुर्द की गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितता देख उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। एसडीएम ने मौके पर ही खण्ड विकास अधिकारी रवीन्द्र मिश्र को कड़ी फटकार लगाते हुए शीघ्र ही व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए। मौके पर राजस्व टीम भी उपस्थित थी जबकि ग्राम प्रधान नदारद रहे।  ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान ने कभी भी गौशाला को दुरुस्त करने का प्रयास नहीं किया। इसी का खामियाजा स्थानीय किसानों को भुगतना पड़ रहा है गौ शाला होने के बावजूद रात रात जागकर फसल ताकते हैं।
                           उल्लेखनीय है कि यदि सभी ग्राम पंचायतों में पशु आश्रय स्थलों का संचालन हो जाये तो आवारा जानवरों की समस्या नहीं रहेगी मगर सच यह की शासन को बदनाम करने की मुहिम चलाई जा रही है खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।